₹22,500 करोड़ के ऑर्डर बुक वाली Shipbuilding Stock ने कोरियन कंपनी से की बड़ी डील

Shipbuilding Stock Signs MOU With Korean Company

क्या आप जानते हैं कि भारत का शिपबिल्डिंग उद्योग तेजी से आगे बढ़ रहा है? अब इस क्षेत्र को और मजबूती मिलने वाली है, क्योंकि कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) ने दक्षिण कोरिया की प्रमुख कंपनी HD कोरिया शिपबिल्डिंग एंड ऑफशोर इंजीनियरिंग (KSOE) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। आइए, विस्तार से जानते हैं कि यह डील क्यों खास है और इससे कोचीन शिपयार्ड के निवेशकों को क्या फायदा हो सकता है।

Shipbuilding Stock Signs MOU With Korean Company

MoU का मतलब

इस समझौते के तहत CSL और KSOE निम्नलिखित क्षेत्रों में साथ मिलकर काम करेंगे:

  • वैश्विक प्रोजेक्ट्स की तलाश, भारत और विदेश दोनों में।
  • तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान, ताकि वर्ल्ड-क्लास जहाज बनाए जा सकें।
  • उत्पादकता बढ़ाने और कर्मचारियों के कौशल को विकसित करने पर फोकस।

KSOE का ह्युंडाई हेवी इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों के साथ काम करने का अनुभव है, वहीं CSL ने भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर बनाकर अपनी क्षमता साबित की है। यह साझेदारी भारतीय शिपबिल्डिंग सेक्टर के लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।

मोदी सरकार के विजन को मिलेगा समर्थन

यह साझेदारी ‘मैरिटाइम इंडिया विजन 2030’ और ‘मैरिटाइम अमृत काल विजन 2047’ के अनुरूप है। सरकार ने शिपबिल्डिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए ₹25,000 करोड़ का फंड भी घोषित किया है। CSL और KSOE का यह सहयोग भारत को एक ग्लोबल मैरिटाइम हब बनाने में मदद करेगा।

CSL का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

CSL का शेयर पिछले 2 सालों में 640% का रिटर्न दे चुका है। आइए, कंपनी के हालिया फाइनेंशियल्स पर एक नजर डालते हैं:

मैट्रिकQ4 FY25 परफॉर्मेंसवार्षिक FY25 परफॉर्मेंस
नेट सेल्स₹1,758 करोड़ (+37% YoY)₹4,820 करोड़ (+26% YoY)
ऑपरेटिंग प्रॉफिट₹266 करोड़ (-8% YoY)
नेट प्रॉफिट₹287 करोड़ (+11% YoY)₹827 करोड़ (+171% YoY)

कंपनी का ऑर्डर बुक भी मजबूत है, फिलहाल ₹22,500 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं।

शेयर का प्रदर्शन

CSL का शेयर ₹2,057 (शुक्रवार तक) के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जो 52-वीक लो (₹1,180) से 74% ऊपर है। 52-वीक हाई (₹2,977) की तुलना में थोड़ा करेक्शन हुआ है, लेकिन लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्टोरी मजबूत लगती है।

निष्कर्ष

अगर आप लॉन्ग-टर्म निवेश में विश्वास रखते हैं और मेक इन इंडिया, शिपबिल्डिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में ग्रोथ की संभावना देखते हैं, तो कोचीन शिपयार्ड एक दिलचस्प विकल्प हो सकता है। कोरिया के साथ साझेदारी, मजबूत ऑर्डर बुक और सरकारी सपोर्ट, ये सभी फैक्टर्स मिलकर इस स्टॉक को एक मजबूत प्लेयर बना सकते हैं।

Disclaimer: ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि "Finance Ghar" की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श करें। निवेश में जोखिम होता है और सही जानकारी के बिना निर्णय लेना हानिकारक हो सकता है।

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